Monday, 11 November 2013

मौत का सफ़र .... !!!


कहते हैं ;
ज़िन्दगी के सारे सफ़र ,
मौत पर ख़त्म होते हैं  !
तो ये ;
ज़िन्दगी का सफ़र नहीं ,
मौत का सफ़र हुआ   !!
क्यूँ की ;
हर सफ़र को ,
मंज़िल से जाना जाता है ;और ,
ज़िन्दगी कि मंज़िल तो मौत है !!
हाँ ;
मौत के सफ़र में ,
ज़िन्दगी के ,
कुछ मुक़ाम भी आते हैं ;
जब ;
ज़िन्दगी जिंदादिली बन जाती है ,
और ;
सफ़र की तन्हाइयां ,
कुछ पलों के लिये ,ठिठक जाती है !!
वर्ना ;
इस सफ़र में ,

सभी तो "तन्हा "हैं !!!
                -"तन्हा"चारू  !!


सर्वाधिकार सुरक्षित © अम्बुज कुमार खरे  " तन्हा " चारू !!

2 comments:

  1. मौत के सफ़र में ,
    ज़िन्दगी के ,
    कुछ मुक़ाम भी आते हैं ;
    जब ;
    ज़िन्दगी जिंदादिली बन जाती है ,
    और ;
    सफ़र की तन्हाइयां ,
    कुछ पलों के लिये ,ठिठक जाती है !!
    वर्ना ;
    इस सफ़र में ,

    सभी तो "तन्हा "हैं !!!
    bahut khoobsurat!!

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  2. धन्यवाद मुकेश जी !

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