Thursday, 28 November 2013

ये मोहब्बत न रास आयेगी मुझे,,,.!!!

इस कदर क्या कोई और रुलाएगी मुझे !
सुना मेरी ही कहानियां बहलाएगी मुझे !!

इश्क के झूले पर भी " तन्हा " हम !
अपनी यादों से वो झुलाएगी मुझे  !!

मैं चाहता था मिलना उससे  !
वो जानती थी पा जायेगी मुझे !!

गुजरने भी जाँ से नहीं देता मुझे !
कहना उसका खीच लाएगी मुझे !!

मैं जानता था इश्क की नाकामियाँ !
ये मोहब्बत रास आयेगी मुझे  !!
                     
                                          - " तन्हा " चारू !!

सर्वाधिकार सुरक्षित © अम्बुज कुमार खरे  " तन्हा " चारू !!





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