Monday, 11 November 2013

तस्लीम है शिकस्त ....... !!!



तस्लीम है शिकस्त निगाह- -नाज़ की !
बा-रहम करें कल्म जुबाँ जां-बाज़ की  !!

खुदानखासतः मिट गई हस्ती अपनी !
थम जायेगी सहर बन्दःनवाज़ की  !!

तस्दीक़ है मेरा लिखा हर हर्फ़ गोया !
पहुँचेगी अंजाम तलक़ दास्ताँ आग़ाज़ की !!

लिपटता है सीमबर से क्यूँ पैरहन भी !
शब्--वस्ल में है ज़रूर बात राज़ की  !!

बिखरती है फ़ज़ा में इक सदा यूँ "तन्हा"!
हो जैसे शायर से जुदाई आवाज़ की  !!

                                          - " तन्हा " चारू !!

सर्वाधिकार सुरक्षित © अम्बुज कुमार खरे  " तन्हा " चारू !!


तस्लीम - कबूल -स्वीकार -accept
शिकस्त -हार -defeat
कल्म -वध -अलग -cut
सहर -सुबह-morning
बन्दःनवाज़ -सब पर दया करने वाला-भगवान स्वरुप  -like god
तस्दीक़ - सुबूत -प्रमाण -proof
हर्फ़ -शब्द -बात -world
सीमबर -चांदी जैसी गोरी नायिका -beautiful lady
पैरहन -लिबास -कुर्ता -shirt
शब्--वस्ल -मिलन रात्रि -evening of the meeting
फ़ज़ा  -बहार -मैदान-atmosphere
सदा - आवाज़ -voice

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