Friday, 22 November 2013

" साहेब का दरबार ..... !!! "



मेरी ; प्रबुद्ध मित्रो से विनती है कि "मसले" को "मसला" ही समझे "अन्यथा" लें !!!

" साहेब का दरबार ..... !!! "



साहेब के दरबार में गर मसला मेरा जायेगा !
साहेब के दरबार में फिर मसला  मुझे जायेगा !!

साहेब के दरबार में मसला मेरा भी गया था !
साहेब के दरबार में मसला मुझे भी गया था  !!

साहेब के दरबार में मसला इक बार गया  !
साहेब के दरबार में मसला बार-बार गया  !!

साहेब ने मसले को एक नज़र भर देखा था !
साहेब ने मसले को भरपूर मसल कर देखा था !!

साहेब के दरबार में मसला फिर से जायेगा  !
साहेब के दरबार में मसला फिर से जायेगा  !!

साहेब की अक़ल में "तन्हाजब भी मसला आएगा  !
साहेब की नसल में "तन्हा" मसला तू ही जायेगा !!

-          " तन्हा " चारू  !!
-              21 - 11 - 2013
सर्वाधिकार सुरक्षित © अम्बुज कुमार खरे  " तन्हा " चारू !!

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