Thursday, 26 December 2013

"तन्हा" दिल पर लगे हुये इल्ज़ाम पुराने याद आये !







"तन्हा" दिल पर लगे हुये इल्ज़ाम पुराने याद आये !
ज़िक्र हुआ अफ़सानो का कई नाम पुराने याद आये !!

ये वीरानगी ये तन्हाइयाँ ये साहिल का मन्जर कैसा !
"तन्हा" मुझे बताने वाले इल्हाम पुराने याद आये !!

न दिखा मुझे यूँ चाक -गिरेबा ओ ज़िग़र अपना !
देख के ये ज़ख्म तेरे एहसान पुराने याद आये !!

झूठी कसमें खाना तेरा वो मुझसे आँख चुराना तेरा !
ना मिलने के तेरे वो पैग़ाम पुराने याद आये !!

राह -गुज़र पे देख तुझे बना हम-सफ़र अपना !
"तन्हा"मिलना याद आया वो बाम पुराने याद आये !!

                                                          -" तन्हा " चारू !!
                                                                Feb. 1995   

सर्वाधिकार सुरक्षित © अम्बुज कुमार खरे  " तन्हा " चारू !!

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