Wednesday, 18 December 2013

कई शब् से ख्यालों में वो आया नहीं....!!



कई शब् से ख्यालों में वो आया नहीं !
फ़ित्ना-गर ! क्या उसे बुलाया नहीं !!

क्या बात कि आता मुझ तक इल्ज़ाम !
ये और बात कि बज़्म में वो आया नहीं  !!

उभर आये नक्श- -आब-ला -पाँ मेरा !
इस जज़्बात से सफ़ीना पार लगाया नहीं !!

निशाने-मंज़िल होता ये ज़िगर आपना  !
हाय ! वो तीर जो उसने चलाया नहीं  !!

अन्देशा --जां खुरेज़ी --शौक से ही !
उसने अक्सर मुझे आज़माया नहीं !!

क्या मज़ा है सब्र--सुकून में सोच !
तकलीफ़ से दामन ये छुड़ाया नहीं !!

हो जाये जहाँ को कहीं गुमाने -इश्क !
इस फिक्र से"तन्हा"ता-उम्र मुस्कराया नहीं !!

-          " तन्हा " चारू  !!
-            09-02-1997 

सर्वाधिकार सुरक्षित © अम्बुज कुमार खरे  " तन्हा " चारू !!

           

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