Friday, 20 December 2013

दिल का मतलब गर धड़कन है !



दिल का मतलब गर धड़कन है !
तो साँसों का बन्धन टूट गया !!
माँझी की मंज़िल गर साहिल है !
तो साहिल का मंज़र छूट गया !!

रक्खे सम्हाल के सारे नश्तर !
जो दिल के पार उतर गये !!
तीर-ए-नीमकश जो चला हम पे !
तो हाथों से खंजर छूट गया !!

कूचः दर कूचः जोड़ा "तन्हा" ने !
क़तरा - क़तरा जिन मातो को !!
शिकस्ते - यार जब पाई उसने !
तो अश्कों को समंदर लूट गया !!

--" तन्हा " चारू !!

सर्वाधिकार सुरक्षित © अम्बुज कुमार खरे  " तन्हा " चारू !!


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